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पंडित नहीं मिला तो महिला SI ने कराई शादी, गूगल की मदद से पढ़े मंत्र
पंडित नहीं मिला तो महिला SI ने कराई शादी, गूगल की मदद से पढ़े मंत्र
सरकार
ने कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन लगाया है.
लॉकडाउन के बीच रोचक किस्से भी लगातार सामने आ रहे हैं. पुलिस को अब तक
आपने कानून का पालन कराते, सख्ती दिखाते या फिर समाजसेवा करते ही देखा
होगा, लेकिन किसी महिला पुलिस अधिकारी को शादी के मंत्र पढ़ते हुए और फेरे
करवाते हुए नहीं देखा होगा.
मध्य
प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में लॉकडाउन के बीच एक ऐसी अनोखी शादी हुई,
जिसमें वर-वधु पक्ष के फेरे कराने के लिए कोई पंडित नहीं मिल रहा था. फिर
गश्त पर निकलीं झोटेश्वर पुलिस चौकी में पदस्थ महिला एसआई अंजली
अग्निहोत्री ने शादी कराई.
शादी
कराने के लिए उन्होंने मंत्रोच्चारण किया और कुछ मंत्र गूगल की मदद से
पूरे किए. एसआई अंजली अग्निहोत्री ने मंत्र पढ़ते हुए दीपक जलवाया और परिणय
के सात फेरे लगवाए. एसआई ने वर-वधु को सात वचनों के साथ कानून का पालन करने
की जानकारी भी दी.
दरअसल,
नरसिंहपुर जिले में श्रीनगर के रहने वाले लक्ष्मण चौधरी का विवाह
नरसिंहपुर के इतवारा बाजार की रहने वाली ऋतु चौधरी से तय हुआ था. दोनों
परिवारों ने बाकायदा शादी करने की जिला प्रशासन से अनुमति भी ले रखी थी.
बताया
जा रहा है कि यह विवाह झोटेश्वर के पार्वती मंदिर में सीमित मेहमानों की
उपस्थिति में सम्पन्न होना था. पंडित नहीं होने के कारण परिवार वालों ने
वहां की ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाली झोटेश्वर की थाना प्रभारी
अंजली अग्निहोत्री से विवाह संपन्न कराने का आग्रह किया और थाना प्रभारी ने
वर-वधु के विवाह की रस्में पूरी भी करवाईं.
थाना
प्रभारी अंजली अग्निहोत्री का कहना है कि लॉकडाउन चल रहा है सोशल
डिस्टेंसिंग का पालन कराना है. मैं गश्त पर निकली थी तभी मंदिर में वर और
वधु सहित 8 लोग मौजूद थे. उनकी परमिशन चेक की तो हमें पता चला कि उनके पास
शादी करने की परमिशन थी. वर और वधु पक्ष के लोगों ने कहा कि मैडम, पंडित की
व्यवस्था नहीं हो पा रही है. आप भी पंडित हैं आप शादी करा दें तो भी
चलेग
आगे
उन्होंने बताया कि जन सेवा हमारा काम है. हमारे उच्चाधिकारियों से हमें
आदेश मिला है कि इस समय जितनी भी हो सके हमें लोगों की हरसंभव मदद करनी है.
शादी करवाने के दौरान हमें जितने मंत्र आते थे वह हमने पढ़े, जो नहीं आते
थे उन्हें हमने गूगल में 'विवाह पद्धति' सर्च करके पढ़ा और शादी संपन्न
करवाई. हवन वेदी नहीं थी तो दीपक जलाया भगवान को चढ़ाए गए फूलों का भी उपयोग
किया.