चंडीगढ़:
देश के कई राज्य इस वक्त कोरोना की चपेट में है। पंजाब भी कोरोना की भयंकर
मार झेल रहा है। अबतक पंजाब में कोरोना के आंकड़ों पर अंकुश लगता दिखाई दे
रहा था, लेकिन महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालुओं की वजह से
पंजाब में अचानक कोरोना का विस्फोट हो गया। पूरे पंजाब में अबतक 613 मामले
सामने आ चुके हैं। इसमें से 180 से ज्यादा मरीज नांदेड़ साहिब से लौटे
श्रद्धालु हैं। हैरानी की बात तो ये है कि जब इन लोगों को नांदेड़ से पंजाब
भेजा जा गया था, उस वक्त इन लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले थे।
लेकिन पंजाब में इनमें से कई श्रद्धालु पॉजिटिव पाए गए।
जी हां, जिस पंजाब में कोरोना मरीजों का आंकड़ा थमता हुआ दिख रहा था। उस पंजाब में अब कोरोना बम का ऐसा विस्फोट हुआ है कि पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। प्रदेश के तमाम शहर इस कोरोना विस्फोट के जद में आ पहुंचा है। जो शहर अबतक ग्रीन जोन में था, उस शहर में भी कोरोना ने अपना पैर पसार दिया है। इसका कारण है महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालु हैं। ये श्रद्धालु अब पंजाब सरकार के लिए परेशानी का नया सबब बन गए हैं। चिंता की बात इसलिए भी है कि क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या एक दो या 100 में नहीं बल्कि हजारों में है।
दरअसल, लॉकडाउन के बाद से महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब में 3 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंसे हुए थे। सभी श्रद्धालु हुजूर साहिब के अलग-अलग होटलों, सराय और वहां बने गुरुद्वारों में ठहरे हुए थे। प्रदेश के विपक्षी नेताओं समेत लोगों की ओर से बढ़ते दबाव और केन्द्र सरकार से निर्देश मिलने के बाद आनन-फानन में पंजाब सरकार ने इन सभी श्रद्धालुओं को वापस लाने का फैसला किया। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम और अधिकारियों से बात कर श्रद्धालुओं को बस से लाने का प्रबंध किया गया। नांदेड़ के हुजूर साहिब से तीन दिन का सफर तय कर तमाम श्रद्धालु बस से पंजाब पहुंचे। पंजाब पहुंचने पर सभी श्रद्धालुओं का कोरोना टेस्ट किया गया और जैसे ही इन श्रद्धालुओं के रिपोर्ट आने शुरु हुए, प्रशासन से लेकर सरकार तक हड़कंप मच गया।
बता दें कि तरनतारन के कुछ श्रद्धालु बीमार होने शुरू हुए तो उनके टेस्ट किए गए और जब उनके टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए तो राज्य सरकार के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं को कारंटीन सेंटर पहुंचने के लिए कॉल किए जाने लगे और अब जब कई सारे श्रद्धालुओं का रिपोर्ट पॉजिटिव आया है तो सरकार की परेशानी बढ़ गई है। परेशानी इसलिए भी, क्योंकि तमाम श्रद्धालु अपने-अपने गांव पहुंच गए थे। वे वहां कितने लोगों से मिले होंगे, इसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल हैं। बहरहाल, ऐसे में अब देखना होगा कि नांदेड़ साहिब से लौट सभी श्रद्धालुओं के टेस्ट रिपोर्ट जब आ जाते हैं, तब पंजाब में कोरोना के आंकड़ों में कितना इजाफा होता है।
जी हां, जिस पंजाब में कोरोना मरीजों का आंकड़ा थमता हुआ दिख रहा था। उस पंजाब में अब कोरोना बम का ऐसा विस्फोट हुआ है कि पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। प्रदेश के तमाम शहर इस कोरोना विस्फोट के जद में आ पहुंचा है। जो शहर अबतक ग्रीन जोन में था, उस शहर में भी कोरोना ने अपना पैर पसार दिया है। इसका कारण है महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालु हैं। ये श्रद्धालु अब पंजाब सरकार के लिए परेशानी का नया सबब बन गए हैं। चिंता की बात इसलिए भी है कि क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या एक दो या 100 में नहीं बल्कि हजारों में है।
दरअसल, लॉकडाउन के बाद से महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब में 3 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंसे हुए थे। सभी श्रद्धालु हुजूर साहिब के अलग-अलग होटलों, सराय और वहां बने गुरुद्वारों में ठहरे हुए थे। प्रदेश के विपक्षी नेताओं समेत लोगों की ओर से बढ़ते दबाव और केन्द्र सरकार से निर्देश मिलने के बाद आनन-फानन में पंजाब सरकार ने इन सभी श्रद्धालुओं को वापस लाने का फैसला किया। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महाराष्ट्र के सीएम और अधिकारियों से बात कर श्रद्धालुओं को बस से लाने का प्रबंध किया गया। नांदेड़ के हुजूर साहिब से तीन दिन का सफर तय कर तमाम श्रद्धालु बस से पंजाब पहुंचे। पंजाब पहुंचने पर सभी श्रद्धालुओं का कोरोना टेस्ट किया गया और जैसे ही इन श्रद्धालुओं के रिपोर्ट आने शुरु हुए, प्रशासन से लेकर सरकार तक हड़कंप मच गया।
- अब तक 180 श्रद्धालुओं का रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुका है
- गुरुवार को पंजाब में पहली बार कोरोना के 162 नए केस सामने आए
- जिसमें से 145 मरीज हजूर साहिब से लौटे श्रद्धालु हैं
- जबकि, अभी हजारों श्रद्धालुओं का रिपोर्ट आना बाकी है
- इन श्रद्धालुओं की वजह से पंजाब के दर्जनों जिलों में कोरोना पहुंच गया है।
- श्रद्धालु सुरक्षित वापस लौटें, इसके लिए कोई ठोस प्लान नहीं बनाया गया था
- पंजाब लौटने वाले कई श्रद्धालु वाया इंदौर आए, जो इस समय कोरोना गढ़ बना हुआ है
- श्रद्धालु रास्ते में किसी संक्रमण की चपेट में ना आएं, इसके लिए कोई रणनीति नहीं बनायी गई थी
- कई श्रद्धालु प्राइवेट गाड़ी लेकर चल पड़े, जिसपर रोक नहीं लगाई गई
- पंजाब आने वाले श्रद्धालुओं का बकायदा टेस्ट क्यों नहीं किया गया। सिर्फ खानापूर्ति करने के बाद ही अधिकारियों ने सभी को अपने-अपने घर क्यों भेज दिया
बता दें कि तरनतारन के कुछ श्रद्धालु बीमार होने शुरू हुए तो उनके टेस्ट किए गए और जब उनके टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव पाए गए तो राज्य सरकार के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं को कारंटीन सेंटर पहुंचने के लिए कॉल किए जाने लगे और अब जब कई सारे श्रद्धालुओं का रिपोर्ट पॉजिटिव आया है तो सरकार की परेशानी बढ़ गई है। परेशानी इसलिए भी, क्योंकि तमाम श्रद्धालु अपने-अपने गांव पहुंच गए थे। वे वहां कितने लोगों से मिले होंगे, इसका अंदाजा लगा पाना भी मुश्किल हैं। बहरहाल, ऐसे में अब देखना होगा कि नांदेड़ साहिब से लौट सभी श्रद्धालुओं के टेस्ट रिपोर्ट जब आ जाते हैं, तब पंजाब में कोरोना के आंकड़ों में कितना इजाफा होता है।
